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न्यू होराइजन एकेडमी में भाषा एवं मनोविज्ञान विषय पर वर्कशॉप सम्पन्न

गाजीपुर। क्रिएटिव विज़न सोसाइटी, गाजीपुर द्वारा संचालित नई होराइजन एकेडमी में “भाषा एवं मनोविज्ञान किशोर वय में ” विषय पर मंगलवार को आयोजित एक वर्कशॉप में मुख्य वक्तव्य देते हुए ख्याति प्राप्त मनोवैज्ञानिक विश्लेषक डॉ. रीना सिंह राजपूत ने अपना संबोधन प्यासे कौए की कहानी से शुरू करते हुए कहा कि कौए का अपनी प्यास बुझाने के लिए घड़े में कंकड डाल जल का स्तर उपर किया जाना और फिर अपनी प्यास बुझाना प्रतीकात्मक रूप से हमारी विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान तथा प्रभावी निर्णयात्मक क्षमता संबंधी बुद्धि-विवेक की ओर इंगित करता है। विद्यार्थियों को अपनी पाठ्यक्रम संबंधी व अन्य समस्याओं के समाधान के लिये अपनी क्रिटिकल क्षमता का उपयोग करना उचित होगा. डॉ. राजपूत ने प्रभावी संचार-संपर्क क्षमता के विकास पर भी बल दिया।
कार्यशाला में अपना व्याख्यान प्रस्तुत करती हुई प्रो. डॉ. चंद्रकांता राय, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष -संस्कृत (से. नि.), आर्य महिला महाविद्यालय, वाराणसी ने भाषा एवं व्यक्तित्व के समन्वय विषय पर अपने विचार व्यक्त किया। एकेडमी के छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. राय ने कहा कि भाषा बुद्धि विलास का कौशल टूल नहीं वरन मनुष्य के व्यक्तित्व का महत्पूर्ण उपक्रम है। अपने संबोधन के विस्तार के क्रम में उन्होंने कहा कि मनुष्य का प्रकृति से अन्योन्याश्रित सम्बंध है। मनुष्य कर्म करने के लिए स्वतंत्र है पर इस प्रक्रिया में वह मूलतः अपने स्वभाव अनुसार ही गतिशील होता है। प्रो. चंद्रकांता राय ने अभिज्ञान शाकुंतलम से उद्धरण देते हुए मनुष्य और प्रकृति के पारस्परिक संबंधों की विवेचना की।कार्यशाला के प्रारंभ में एकेडमी के प्रबंध निदेशक प्रो. अमर नाथ राय ने आगंतुक अतिथि द्वय का परिचय देते हुए उनसे छात्रों के शैक्षिक उन्नयन हेतु इंटरएक्टिव व्याख्यान का अनुरोध किया. कार्यशाला का संयोजन एकेडमी के निदेशक (शैक्षणिक) प्रो. अजय राय ने कहा कि छात्रों को प्रश्न पूछने की लत डालनी होगी।  उनका इनक्विजीटिव होना न केवल उनके ज्ञान में वृद्धि करता है वरन व्यवहारिक स्तर पर भी उनकी समस्याओं के समाधान में काम आता है।
अंत में न्यू होराइजन एकेडमी की प्रधानाचार्या  विभा राय ने विद्वान वक्ताओं के प्रति आभार प्रकाश करते हुए एकेडमी के छात्रों के लिए सदाशयता पूर्वक सुलभ होने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यशाला में कक्षा- 6, 7 तथा 8 के छात्र-छात्राएं तथा श्रीमती सुनीता मिश्रा, कनक राय, रिया राय, सना फातिमा, अर्चना तिवारी, अनुश्रुति राय, रेनू राय, अनन्या सिंह आदि शिक्षिकाओं ने भाग लिया।