
गाजीपुर । (भांवरकोल) सावन मास के दूसरे सोमवार को भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की एक टोली “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ बैजनाथ धाम जलाभिषेक के लिए आज दोपहर लगभग 2 बजे कुंडेश्वर गांव से रवाना हुई। इस श्रद्धालु समूह में करीब 100 भक्त शामिल हैं, जो पूरे भक्ति भाव और उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा पर निकले हैं।भक्तगणों ने बताया कि यात्रा का पहला पड़ाव पटना होगा, जहां वे हनुमान मंदिर में दो घंटे तक भजन-कीर्तन करेंगे। इसके बाद वे सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा नदी से पवित्र जल लेकर पूजा-पाठ कर बाबा बैजनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद यह टोली बासुकीनाथ धाम में भी जल चढ़ाएगी।भक्तों की यह धार्मिक यात्रा यहीं समाप्त नहीं होगी। जलाभिषेक के बाद सभी श्रद्धालु उड़ीसा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का दर्शन करेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य पवित्र तीर्थ स्थलों का भी भ्रमण कर लगभग 10 से 15 दिन में घर लौटेंगे।इस यात्रा में प्रमुख रूप से गुलाब पटेल, शंकर पटेल, मुरली यादव, बचाने यादव, पिंकू सिंह सहित अन्य कई श्रद्धालु शामिल हैं।
श्रावण मास में जलाभिषेक की परंपरा:
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में ही समुद्र मंथन हुआ था, जिसमें निकले विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए ग्रहण किया था। विषपान के कारण उनके शरीर में अत्यधिक जलन होने लगी, जिसे शांत करने के लिए देवताओं ने उनके ऊपर गंगाजल चढ़ाया। तभी से श्रावण मास में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है।यह भी मान्यता है कि माता पार्वती ने 108 जन्मों तक कठिन तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था, जिसके बाद उनका विवाह हुआ। श्रावण मास को इस कारण विशेष रूप से शिवभक्ति का महीना माना जाता है।