आपदा में मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद ज़रूरी : प्रो. मिश्रा

गाजीपुर। नगर स्थित स्वामी सहजानन्द पीजी कॉलेज में शुक्रवार को इस वर्ष के ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ की थीम “सेवाओं तक पहुँच–आपदा और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य” पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो. बी. डी. मिश्रा ने कहा कि आपदा में व्यक्ति के मनोबल की परीक्षा होती है। व्यक्ति की आंतरिक स्थिरता ही उसके जीवन को आगे बढ़ाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें किसी की भी भावनात्मक उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, इससे असुरक्षा और अवसाद जैसी मानसिक व्याधियों का जन्म होता है। हमें एक-दूसरे से संवाद स्थापित करना चाहिए। प्रो. मिश्रा ने यह भी चेताया कि मानसिक रोगों के प्रति जो समाज में अंधविश्वास और भ्रांतियाँ हैं, उन्हें भी दूर करना आवश्यक है।विशिष्ट अतिथि डॉ. यशवंत सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सहानुभूति और समझ ही किसी भी मानसिक पीड़ा का पहला उपचार है। प्राचार्य प्रो. वी. के. राय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना कर सकता है। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थिति अनेक शिक्षकों व छात्र-छात्रों ने भी अपने विचार रखें। संगोष्ठी का संयोजन मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष सुश्री तूलिका श्रीवास्तव व कुशल संचालन डॉ. (श्रीमती) कंचन सिंह ने किया।

