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स्वस्थ मानव समाज के आधार स्तंभ हैं गणित और विज्ञान: प्रो. अजय राय

गाजीपुर। विज्ञान और गणित की प्रगति में भारतीय सांस्कृतिक-आध्यात्मिक परिवेश का अप्रतिम योगदान रहा है। यद्यपि उन्नत वैज्ञानिक युग में समय और दूरी का आकलन करना आसान हो गया है तथा प्रकाश के वेग के सापेक्ष जटिल वैज्ञानिक प्रश्नों का उत्तर पाना भी संभव हो गया है, कणाद ऋषि ने पृथ्वी चंद्रमा की दूरी तथा गति सिद्धान्तों की गणना हजारों साल पहले ही कर लिया था। क्रिएटिव विज़न सोसाइटी, गाजीपुर द्वारा संचालित नई होराइजन एकेडमी में “गणित एवं विज्ञान प्रतिपाद्य” विषय पर आज आयोजित एक वर्कशॉप में मुख्य वक्तव्य देते हुए जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के ख्याति प्राप्त गणितज्ञ प्रोफेसर डॉ. अनिरुद्ध प्रधान ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों में गणित और विज्ञान के प्रति स्वाभाविक अभिरुचि पैदा करनी होगी। प्रो. प्रधान ने गणित और ज्योतिष के अन्योन्याश्रित संबंध को रेखांकित करते हुए स्वस्थ तथा प्रगतिशील समाज की संरचना में गणित के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.सोसाइटी के प्रबंध निदेशक प्रो. अमर नाथ राय ने वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षिक अधिगमों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रेडिट बेस्ड परीक्षा प्रणाली का बोझ किशोर बच्चों के मन-मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव न डाले. उन्होंने कहा कि सिर्फ अंक प्राप्त करना विद्यार्थियों का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एकेडमी के शैक्षणिक निदेशक प्रो. अजय राय ने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन के विविध प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों में गणितीय प्रश्नावली का अध्ययन करने के लिए उनकी मौलिक प्रतिभा को विस्तार देना चाहिए. प्रो. राय ने यह भी कहा की गणित और विज्ञान उन्नत मानव समाज के आधार स्तंभ हैं।कार्यक्रम के आरंभ में न्यू होराइजन एकेडमी की प्रधानाचार्या  विभा राय, किरणबाला राय तथा कनक राय ने मुख्य अतिथि डॉ. अनिरुद्ध प्रधान को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।