अन्य खबरेंग़ाज़ीपुर

राजकीय महिला पीजी कॉलेज में ‘संत बूला सांस्कृतिक क्लब’ द्वारा महाविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न

गाजीपुर । संत बूला सांस्कृतिक क्लब’ राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के संयोजन में महाविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में एकल नृत्य हेतु 22 छात्राओं ने, सामू‌हिक नृत्य में 20 समूहों ने, एकल गीत गायन में 18 छात्राओं ने, समूह गीत गायन में 05 समूहों ने, तथा अभिनय में कुल 05 छात्राओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुती दी। भारतीयता, मूल्य, सद्भाव, जिजीविषा, उत्साह, उल्लास, लोक, शिक्षा, नारी शक्ति, उत्सव, पर्व एवं विविधता में एकता जैसे विषयों को छात्राओं ने अपनी प्रस्तुती के माध्यम से प्रद‌र्शित किया। निर्णायक मण्डल डॉ. शशिकला जायसवाल, डॉ. सारिका सिंह एवं डॉ. शिखा सिंह ने सभी छात्राओं की प्रस्तुतियों का सूक्ष्म एवं गहन निरीक्षण कर उनका मूल्यांकन करते हुए अपना निर्णय प्रस्तुत किया। एकल गीत गायन में इन्दा चौधरी को प्रथम स्थान, सामूहिक गायन में संध्या एवं उनकी साथियो को प्रथम स्थान, एकल नृत्य में श्वेता कुमारी रावत को प्रथम स्थान, सामूहिक नृत्य में बैष्णवी एवं उनकी साथियों को प्रथम स्थान तथा अभिनय के एकल वर्ग में स्नेहा वर्मा एवं समूह में शिवांगी राय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । इस बात को सभी ने महसूस किया कि स्नेहा एक उभरती हुई कलाकार हैं। स्नेहा के अभिनय एवं भाव- भंगिमा का कहना ही क्या था। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी जी ने कहा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति से पह‌चाना जाता है। भारत की गौरवशाली संस्कृति सदियों से प्रवाहमान है। हम सब उसके संवाहक हैं। संस्कृत मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं भातखण्डे विश्वविद्यालय की यह पहल अपनी संस्कृति को सजोने -सवारने में एक मील पत्थर साबित होगी । निर्णायक मण्डल की सदस्य डॉ. शशिकला जायस‌वाल ने कहा कि सभी के प्रदर्शन बहुत अच्छे थे। इतना अच्छा था कि हमे चयन करते में बहुत मुश्किल हो रहा था। डॉ. सारिका सिंह ने कहा कि आप सभी बहुत परिश्रमी एवं ऊर्जावान हैं। सबका प्रदर्शन उत्कृष्ट है, पर चयन हमें किसी एक का करना था। डॉ. शिखा सिंह ने कहा कि कोई भी परिणाम अंतिम नहीं होता। अभी कई और कार्यक्रम होगे। जिनका इसमें स्थान नहीं लगा वह अगली बार स्थान पायेंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. निरंजन कुमार यादव ने कहाँ इस कार्यक्रम की तरह ही हमारी संस्कृति अद्भूत, अतुलनीय और मनोहारी हैं। इसे संरक्षित करना है, इसमें श्री वृद्धि करना है, जडताओ और पूर्वाग्रह से मुक्त हो इसके सद्भाव एवं सौहार्द को चतुर्दिक प्रसार करना है । इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार सहित डॉ. रामनाथ केसरवानी ,डा राजेश कुमार यादव, डा मनीष सोनकर,डा आनंद चौधरी, पीयूष सिंह आदि शिक्षकगण और छात्राएं उपस्थित रही।