गाजीपुर- बिजली विभाग: अब नहीं हो पाएगी बिजली चोरी, ट्रांसफार्मर करेंगे खपत की निगरानी

गाजीपुर । नगर खण्ड के अधिशाषी अभियंता आशीष कुमार से मिली जानकारी के अनुसार गाजीपुर जिले के अंतर्गत लगभग 30 हजार ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं। इसमें से 9195 से अधिक ट्रांसफॉर्मर में मीटर लगाए जाने हेतु चिन्हित किए जा चुके है एवं 639 ट्रांसफॉर्मर में मीटर लगाए जा चुके है।कृषि कनेक्शन से जुड़े ट्रांसफॉर्मर को छोड़ बाकी सभी में अप्रैल 2025 तक मीटर लगा दिये जाएंगे। आरडीएसएस योजना के तहत ट्रांसफॉर्मर में मीटर लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।मोहल्लावार खपत की तैयार होगी रिपोर्ट-ट्रांसफॉर्मर में मीटर लगने के बाद मोहल्लावार आसानी से बिजली खपत की जानकारी मिल जाएगी। संबंधित ट्रांसफॉर्मर से कितने उपभोक्ता जुड़े हैं और उससे कितनी बिजली खपत हो रही है, मीटर से यह आसानी से पता चल सकेगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस ट्रांसफॉर्मर से कितनी वैध व अवैध बिजली खपत हो रही है। इसके आधार पर संबंधित गली-मोहल्ले में औचक छापेमारी की जाएगी। कंपनी को भरोसा है कि इस प्रणाली से बिजली चोरी पर लगाम लग सकेगा। बिजली चोरों के खिलाफ औचक छापेमारी की जा सकेगी। अगर किसी ट्रांसफॉर्मर में उपभोक्ताओं का लोड अधिक होगा तो वैसी स्थिति में वहां अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जा सकेंगे। इससे ट्रांसफॉर्मर से होने वाली ट्रिपिंग व लो-वोल्टेज की समस्या समाप्त होगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण निर्बाध बिजली मिल सकेगी।लोड का भी हो रहा है अध्ययन-जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली के लोड का भी अध्ययन शुरू हो गया है।अभी 20 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। उपभोक्ताओं की ओर से की जाने वाली खपत के तौर-तरीकों का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि उपभोक्ता किस समय अधिक बिजली खपत करते हैं। किस मौसम में कितनी बिजली खपत हो रही है, इसका भी अध्ययन हो रहा है। कंपनी की ओर से इलाकेवार बिजली खपत की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और उसके आधार पर ग्रिड से लेकर सब-स्टेशन और फीडर की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। इससे शहर से लेकर गांवों तक होने वाली ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। लोगों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली देने के लिए आरडीएसएस योजना के तहत जरूरी काम होने हैं।


